:
Breaking News

दुल्हन लेकर पहुंची बारात, विदाई में रो पड़ा दूल्हा… छत्तीसगढ़ की अनोखी शादी चर्चा में

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

छत्तीसगढ़ के सरगुजा में अनोखी शादी, जहां दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची और घर जमाई परंपरा के तहत विवाह हुआ। विदाई में दूल्हा रो पड़ा।

DESK:जहां आमतौर पर शादियों में दूल्हा घोड़ी चढ़कर बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचता है और विदाई के समय दुल्हन की आंखों में आंसू होते हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के एक छोटे से गांव में इस परंपरा की तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आई, जहां दुल्हन खुद घोड़े पर सवार होकर बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची और शादी के बाद विदाई के समय दूल्हा फूट-फूटकर रो पड़ा। यह अनोखा दृश्य न सिर्फ वहां मौजूद लोगों के लिए हैरान करने वाला था, बल्कि पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया और लोगों को सोचने पर मजबूर कर गया कि परंपराएं बदलने से समाज में कितनी सकारात्मक दिशा आ सकती है।

यह अनोखी शादी सरगुजा जिले के सुलपगा गांव में हुई, जहां दुल्हन देवमुनि एक्का अपने परिजनों और बारातियों के साथ पूरे रीति-रिवाज और उत्साह के साथ दूल्हे बिलासुस बरवा के घर पहुंचीं। गांव की गलियों से गुजरती यह बारात लोगों के लिए किसी अनोखे उत्सव से कम नहीं थी, क्योंकि आमतौर पर ऐसा दृश्य देखने को नहीं मिलता। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक गीतों के बीच दुल्हन का घोड़े पर सवार होकर बारात की अगुवाई करना समाज में बदलती सोच की एक मजबूत झलक पेश कर रहा था।

दरअसल, इस विवाह के पीछे एक खास सोच और पारिवारिक जरूरत जुड़ी हुई थी। दुल्हन के पिता मोहन एक्का, जो एक साधारण किसान हैं, की चार बेटियां हैं और कोई बेटा नहीं है। ऐसे में उन्होंने भविष्य की जिम्मेदारियों, खासकर खेती-बाड़ी और घर-परिवार के कामकाज को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया कि उनकी बेटी की शादी इस तरह हो, जिसमें दामाद उनके घर में रहकर बेटे की भूमिका निभाए। इसी सोच के साथ दोनों परिवारों की सहमति से यह विवाह ‘घर जमाई’ परंपरा के तहत संपन्न हुआ, जिसमें दूल्हा अपने ससुराल में रहकर परिवार की जिम्मेदारियां निभाएगा।

इस शादी में स्थानीय परंपराओं का भी विशेष ध्यान रखा गया। यह विवाह क्षेत्र की पारंपरिक मसी रीति के अनुसार हुआ, जिसमें कन्यादान के बजाय ‘वरदान’ की रस्म निभाई जाती है। इस रस्म के तहत दूल्हे के माता-पिता अपने बेटे का हाथ दुल्हन के हाथ में सौंपते हैं, जो इस बात का प्रतीक होता है कि अब वह अपनी नई जिम्मेदारियों के साथ दुल्हन के परिवार का हिस्सा बनने जा रहा है। यह परंपरा समाज में बराबरी और पारिवारिक संतुलन का संदेश देती है, जो इस शादी को और भी खास बना देती है।

शादी की सभी रस्में पूरी होने के बाद जब विदाई का समय आया, तो माहौल पूरी तरह भावुक हो गया। आमतौर पर जहां दुल्हन अपने मायके को छोड़ते हुए रोती है, वहीं इस शादी में दूल्हा बिलासुस बरवा अपने घर को छोड़कर दुल्हन के घर जाने के लिए तैयार हो रहा था और इस दौरान वह अपने आंसुओं को रोक नहीं सका। उसकी आंखों से बहते आंसू यह दर्शा रहे थे कि वह अपने परिवार से बिछड़ने के दर्द को महसूस कर रहा है। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए और दूल्हे की मां सहित परिवार के अन्य सदस्य भी अपने आंसू नहीं रोक सके।

इस अनोखी विदाई ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया, क्योंकि यह परंपराओं के उलट एक ऐसा दृश्य था, जो कम ही देखने को मिलता है। शादी में शामिल लोगों ने बताया कि यह विवाह पूरी तरह सादगी के साथ और बिना किसी दहेज के संपन्न हुआ, जो अपने आप में एक बड़ा संदेश है। इसके अलावा यहां ‘चुमान’ नाम की एक परंपरा भी निभाई गई, जिसमें शादी के बाद लड़के पक्ष की ओर से स्वेच्छा से उपहार या सहयोग दिया जाता है, जो आपसी सम्मान और रिश्तों की मजबूती को दर्शाता है।

गांव के लोगों का कहना है कि यह शादी उन परिवारों के लिए एक मिसाल है, जहां बेटा नहीं है और वे भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। इस विवाह ने यह साबित कर दिया कि बेटियां भी परिवार की जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभा सकती हैं और समाज में बदलाव लाने की क्षमता रखती हैं। जरूरत केवल सोच बदलने की है, क्योंकि जब सोच बदलती है, तो परंपराएं भी बदलती हैं और समाज आगे बढ़ता है।

कुल मिलाकर, सरगुजा की यह अनोखी शादी सिर्फ एक पारिवारिक आयोजन नहीं रही, बल्कि यह एक सामाजिक संदेश बनकर उभरी है, जिसने यह दिखा दिया कि परंपराएं स्थिर नहीं होतीं, बल्कि समय और जरूरत के अनुसार बदल सकती हैं। दुल्हन का बारात लेकर जाना और दूल्हे का घर जमाई बनना एक नई सोच की शुरुआत है, जो आने वाले समय में समाज में और भी सकारात्मक बदलाव ला सकती है। इस शादी ने यह साबित कर दिया है कि रिश्तों की मजबूती परंपराओं से नहीं, बल्कि समझ, सम्मान और समानता से तय होती है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *